A1 · वर्णमाला और उच्चारण · लगभग 4 मिनट
ch, sch, sp, st और सख़्त अंत
वे आवाज़ें जो दूसरी तरह लिखी जाती हैं
ch की दो आवाज़ें, sp और st में "श", और ऐसे अंत जो सख़्त हो जाते हैं।
क्या यह तुम्हें पहले से आता है?
“मेरे लिए नया है”: पहले समझाना, फिर अभ्यास। “ख़ुद की जाँच”: 3 छोटे सवाल – कम से कम दो सही हों, तो सीधे कठिन अभ्यासों पर।
ये शब्द काम आएँगे22
ये इस विषय के उदाहरणों और अभ्यासों में आते हैं और सीखने के रास्ते पर यहाँ नए हैं।
- sprechenबोलना
- lesenपढ़ना
- das Buchकिताब
- die Milchदूध
- der Hundकुत्ता
- der Tagदिन
- die Schuleस्कूल, विद्यालय
- weitदूर
- verstehenसमझना
- die Frageसवाल, प्रश्न
- kostenक़ीमत होना, दाम होना
- zwanzigबीस
- der Euroयूरो
- spielenखेलना; बजाना
- der Sportखेल, कसरत
- der Parkपार्क, उद्यान
- das Radपहिया; साइकिल
- gelbपीला
- der Gartenबग़ीचा
- morgenकल (आने वाला)
- gehenजाना, पैदल चलना
- das Fahrradसाइकिल
फ़्लैशकार्ड से अभ्यास करो · 1फ़्लैशकार्ड से अभ्यास करो · 2फ़्लैशकार्ड से अभ्यास करो · 3
समझो
याद रखोशब्द के आख़िर में b, d, g "प", "ट", "क" हैं — बहुवचन वर्तनी दिखा देता है।
- संकेत शब्द
- sch
- sp
- st
- ch
- -ig
- -b
- -d
- -g
रूप
कैसे लिखते हैं, कैसे बोलते हैं
हर पंक्ति में पहले नियम दिया गया है, फिर जर्मन के ऐसे उदाहरण जिनमें वह नियम दिखता है।
| sch हिन्दी का "श" | Schule, Tisch |
| शुरुआत में sp और st: "श्प", "श्ट" | sprechen, Stadt |
| a, o, u, au के बाद ch: "ख़" | Bach, Buch, auch |
| बाक़ी हर जगह ch: आगे की नरम आवाज़ | ich, nicht, Milch |
| आख़िरी -ig -ich जैसा | zwanzig, König |
| आख़िरी b, d, g "प", "ट", "क" जैसे | gelb, Hund, Tag |
नियम, एक-एक करके
वह रूप जिसके बारे में यह विषय है
शब्द की शुरुआत में sp और st "श्प" और "श्ट" बोले जाते हैं।
Wir sprechen in der Stadt Deutsch.हम शहर में जर्मन बोलते हैं।
a, o, u या au के बाद ch गले में पीछे बनता है, "ख़" की तरह।
Ich lese auch ein Buch.मैं भी एक किताब पढ़ रहा हूँ।
किसी और आवाज़ के बाद ch मुँह में आगे बनता है।
Ich trinke nicht gern Milch.मुझे दूध पीना पसंद नहीं।
शब्द के आख़िर में b, d और g "प", "ट" और "क" जैसे सुनाई देते हैं।
Der Hund schläft den ganzen Tag.कुत्ता दिन भर सोता है।
उदाहरण वाक्य
Die Schule ist nicht weit.स्कूल दूर नहीं है।
Ich verstehe die Frage nicht.मुझे सवाल समझ नहीं आया।
Das Buch kostet zwanzig Euro.किताब बीस यूरो की है।
2 और उदाहरण वाक्य
Wir spielen Sport im Park.हम पार्क में खेल खेलते हैं।
Das Rad ist gelb.साइकिल पीली है।
वह जाल जिसमें हिन्दी बोलने वाले फँसते हैं
ध्यान दो
दो आदतें यहाँ धोखा देती हैं। पहली: ch को "क" या "च" पढ़ना। ich न "इक" है, न "इच", और Buch "बुक" नहीं, "बूख़" है। दूसरी वर्तनी में है: Hund के आख़िर में "ट" सुनाई देता है, तो उसे t से लिखने का मन करता है। शब्द को बहुवचन में रखो — Hunde — और सही अक्षर फिर सुनाई देने लगता है।
झटपट जाँच
वॉर्म-अप: 2 सवाल, जवाब तुरंत। ये तुम्हारी प्रगति में नहीं गिने जाते।
अभ्यास
इस विषय पर 3 अभ्यास। तुम्हारे जवाब ब्राउज़र में ही जाँचे जाते हैं; उनमें से कोई भी तुम्हारे डिवाइस से बाहर नहीं जाता।
अब ख़ुद लिखिएइस विषय पर 4 वाक्य, टाइप करके और तुरंत जाँचे गए।
हो गया
तुम यह विषय कितनी अच्छी तरह जानते हो?
अभ्यास के बाद यह अपने-आप भर जाता है। तुम इसे यहाँ कभी भी बदल सकते हो।
रास्ते पर अगला: 5 · ज़ोर, बड़े अक्षर और ßसीखने के रास्ते पर वापस
पूरी व्याख्या
पूरी पढ़ो · लगभग 2 मिनट
sch बस हिन्दी का "श" है: Schule "शूले", schön, Tisch "तिश"। शब्द की शुरुआत में, या उपसर्ग के बाद वाले हिस्से की शुरुआत में, sp और st "श्प" और "श्ट" बोले जाते हैं: sprechen "श्प्रेखन", Sport, Stadt "श्टाट", Straße, verstehen। दूसरी जगहों पर वे जैसे लिखे हैं वैसे रहते हैं: Fenster, ist, Wespe। और हिन्दी की एक आदत से बचो: शुरुआत के व्यंजन-समूह से पहले "इ" मत जोड़ो, जैसे "स्कूल" को "इस्कूल" कहते हैं। Stadt "इश्टाट" नहीं है।
ch की दो आवाज़ें हैं, और कोई भी "च" नहीं। a, o, u और au के बाद यह गले में पीछे बनती है — ठीक उर्दू शब्दों वाला "ख़", जैसे "ख़ुश" या "ख़राब" में: Bach, noch "नॉख़", Buch "बूख़", auch "आउख़"। बाक़ी सब स्वरों के बाद, और व्यंजन के बाद, यह आगे बनती है: एक हल्की सरसराहट, जीभ वहाँ जहाँ "य" बोलते समय होती है: ich, nicht, Milch, Mädchen। इसे बनाने के लिए "ई" बोलो और फिर उसी जगह से ज़ोर से साँस निकालो। "श" इसके क़रीब है, पर ज़्यादा नरम। आख़िरी -ig मानक जर्मन में इसी दूसरी आवाज़ से बोला जाता है: zwanzig, König।
शब्द या शब्दांश के आख़िर में b, d और g अपनी गूँज खो देते हैं और "प", "ट", "क" जैसे सुनाई देते हैं: gelb "गेल्प", Hund "हुंट", Tag "टाक"। हिन्दी में ऐसा नहीं होता — "आज", "बाग़", "दूध" के आख़िर में आवाज़ गूँजती है — इसलिए यह आदत डालनी पड़ती है। वर्तनी नरम अक्षर रखती है, क्योंकि स्वर आते ही वह लौट आता है: Hunde, Tage। इसलिए Rad ("पहिया") और Rat ("सलाह") एक जैसे सुनाई देते हैं।
जर्मन r हिन्दी का "र" भी नहीं। शब्दांश की शुरुआत में यह गले के पीछे की हल्की खरखराहट है — उर्दू "ग़" के बहुत क़रीब, जैसे "ग़लत" में: rot, Reise। जीभ से बोला गया "र" भी समझ लिया जाता है, पर "ग़" वाली आवाज़ मानक है। स्वर के बाद r ज़्यादातर छोटे, गहरे "अ" में बदल जाता है: hier "हीअ", Tür, Uhr "ऊअ"।
जानने लायक़1
जानने लायक़
"ख़" और "ग़" तुम्हारे पास पहले से हैं
जो हिन्दी बोलने वाले "ख़ुश", "ख़बर", "ग़लत" और "बाग़" को नुक़्ते वाली आवाज़ से बोलते हैं, उनके पास जर्मन की दो मुश्किल आवाज़ें तैयार हैं: Buch का ch "ख़" है, और rot का r "ग़" के बहुत क़रीब। जो ये शब्द नुक़्ते के बिना बोलते हैं, वे पहले हिन्दी में ही नुक़्ते वाली आवाज़ का अभ्यास कर लें — जर्मन में यह फ़ायदा देगा।
Das Buch ist rot.किताब लाल है।
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