जर्मन सीखना — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
36 सवाल जो लोग जर्मन सीखते समय सच में पूछते हैं, ऐसे जवाबों के साथ जो अपने आप में पूरे हैं। जहाँ कहने को और भी है, वहाँ लिंक नीचे दिया है — जवाब की जगह नहीं।
शुरुआत में
कहाँ से शुरू करें, कितना समय लगता है, हिन्दी बोलने वाले के लिए जर्मन कितनी कठिन है, और स्तरों का क्या मतलब है।
जर्मन सीखना कहाँ से शुरू करूँ?
तीन चीज़ें एक के बाद एक नहीं, एक साथ शुरू करो: रोज़ की क्रियाओं का वर्तमान रूप, पहली संज्ञाएँ — हमेशा आर्टिकल के साथ — और यह नियम कि साधारण वाक्य में क्रिया दूसरी जगह पर आती है। सिर्फ़ व्याकरण पढ़ोगे, तो बोलने को कुछ नहीं होगा; सिर्फ़ शब्द-सूची रटोगे, तो सूची पढ़ने वाले बन जाओगे। पहले दिन से पूरे वाक्य ज़ोर से बोलो: Ich heiße Priya. Ich komme aus Indien. Ich wohne jetzt in Köln. और याद रखो: हिन्दी "दिल्ली से हूँ" में कर्ता छोड़ देती है, जर्मन नहीं छोड़ती — ich ज़रूरी है।
इस साइट पर A1, A2, B1 का क्या मतलब है?
यूरोप में बहुत इस्तेमाल होने वाले छह स्तरों के पैमाने के पहले तीन स्तर। A1 पहले वाक्य हैं, A2 रोज़ के काम, और B1 वह स्तर जहाँ तुम काम, पढ़ाई और दफ़्तरों में अपने दम पर चल सकते हो। यह साइट B1 तक ले जाती है। स्तरों के नाम कोई भी इस्तेमाल कर सकता है, पर उनकी आधिकारिक व्याख्या यहाँ नहीं उतारी गई। सीखने का क्रम इस साइट ने तय किया है, और पैमाना खुला है: शब्द कितना कठिन है, यह नहीं, बल्कि कब से उसके बिना काम नहीं चलता। der Kühlschrank (फ़्रिज) लंबा शब्द है, पर हर रसोई में है, इसलिए A1 में है।
B1 तक पहुँचने में कितना समय लगता है?
यह किसी एक संख्या में नहीं कहा जा सकता, और जो संख्या बताए, वह अंदाज़ा बेच रहा है। तीन चीज़ें सबसे ज़्यादा फ़र्क़ डालती हैं: तुम हर हफ़्ते कितनी बार अभ्यास करते हो (थोड़ा पर रोज़, ज़्यादा पर कभी-कभार से बेहतर), तुम कितना जर्मन सुनते और बोलते हो, और तुम पुराने शब्द कितनी बार दोहराते हो। अंग्रेज़ी जानना शब्दों में मदद करता है, हिन्दी जानना शब्द-क्रम और कारक की समझ में। इस साइट का दोहराव इसीलिए बना है कि भूले हुए शब्द सही समय पर लौटें।
हिन्दी बोलने वाले के लिए जर्मन कठिन है?
कुछ हिस्से हैरान करने वाले आसान हैं, कुछ सचमुच नए। आसान: उपवाक्य में क्रिया अंत में आती है, हिन्दी की तरह; कारक का विचार "ने, को, से, का" से जाना-पहचाना है; du और Sie "तुम" और "आप" जैसे हैं; और einundzwanzig "इक्कीस" की तरह इकाई पहले बोलता है। और दोनों भाषाएँ एक ही बड़े परिवार की हैं। नया: तीसरा लिंग, आर्टिकल, मुख्य वाक्य में दूसरी जगह की क्रिया, और ü, ö, ch जैसी आवाज़ें। कोई भी दीवार नहीं; बस ये चीज़ें हिन्दी पहले से नहीं देती।
अंग्रेज़ी पहले से आती है — क्या इससे जर्मन में मदद मिलेगी?
हाँ, शब्दों में बहुत: Haus, Hand, Wasser, Computer तुरंत पहचान में आते हैं। पर अंग्रेज़ी धोखा भी देती है, ख़ासकर भारतीय अंग्रेज़ी। also का अर्थ "भी" नहीं, "तो" है; bekommen "बनना" नहीं, "पाना" है; der Chef रसोइया नहीं, बॉस है; और das Hotel खाने की जगह नहीं। व्याकरण में अंग्रेज़ी कम मदद करती है: उसमें न आर्टिकल बदलते हैं, न कारक। वहाँ हिन्दी ज़्यादा काम की है।
जर्मनी, ऑस्ट्रिया या स्विट्ज़रलैंड — कौन-सी जर्मन सीखूँ?
मानक जर्मन तीनों जगह समझी जाती है, और यह साइट वही सिखाती है। फ़र्क़ शब्दों और उच्चारण में है — ऑस्ट्रिया में जनवरी Jänner भी है, स्विट्ज़रलैंड में ß नहीं लिखा जाता — व्याकरण में बहुत कम। एक फ़र्क़ जो तुम सुनोगे: दक्षिण में लोग ich bin gesessen कहते हैं, उत्तर में ich habe gesessen; दोनों मान्य हैं। जहाँ रहोगे, वहाँ के शब्द अपने आप आ जाएँगे।
मैं कई साल से जर्मनी में हूँ, पर मेरी जर्मन आगे नहीं बढ़ रही। क्या करूँ?
यह बहुत आम है, ख़ासकर उन दफ़्तरों में जहाँ काम अंग्रेज़ी में होता है। आम तौर पर वजह यह होती है कि रोज़ की ज़रूरी बातें बिना ज़्यादा जर्मन के निपट जाती हैं और वही कुछ ग़लतियाँ पक्की हो जाती हैं। दो क़दम मदद करते हैं: अपनी आम ग़लतियाँ पहचानो — हिन्दी बोलने वालों के लिए अक्सर आर्टिकल, क्रिया की जगह और haben या sein — और हर हफ़्ते जान-बूझकर ऐसी स्थिति बनाओ जहाँ अंग्रेज़ी विकल्प न हो: पड़ोसी, कोई क्लब, कोई शौक़। लिखा हुआ जर्मन यहाँ के वाक्य-जाँचक में डालकर देखो।
मेरा बच्चा घर पर हिन्दी बोलता है। क्या इससे उसकी जर्मन पर असर पड़ेगा?
भाषा-विकास पर शोध का आम निष्कर्ष यह है कि घर की भाषा जर्मन सीखने में रुकावट नहीं, बल्कि नींव है: जो बच्चा एक भाषा अच्छी तरह जानता है, वह दूसरी पर उसी समझ से बनाता है। शुरुआत में दोनों भाषाओं को मिलाना सामान्य है और समय के साथ अपने आप अलग हो जाता है। जर्मन बच्चा किंडरगार्टन और स्कूल में सीखता है; घर पर हिन्दी बोलते रहो। किसी ख़ास बच्चे के बारे में चिंता हो, तो बच्चों के डॉक्टर या स्कूल से बात करो।
जर्मनी में जर्मन: पढ़ाई, काम, दफ़्तर
इंटीग्रेशन कोर्स, नागरिकता, डिग्री की मान्यता, पढ़ाई और नौकरी में जर्मन। क्या पक्का है, और क्या संबंधित कार्यालय से पूछना होगा।
इंटीग्रेशन कोर्स (Integrationskurs) क्या है?
जर्मन संघीय सरकार की मदद से चलने वाला कोर्स, जिसमें जर्मन भाषा की कक्षाएँ और जर्मनी के क़ानून, इतिहास और समाज पर एक छोटा कोर्स (Orientierungskurs) होता है। भाषा वाले हिस्से का लक्ष्य B1 है। कोर्स की ज़िम्मेदारी संघीय प्रवासन और शरणार्थी कार्यालय (BAMF) की है, और ये मान्यता प्राप्त संस्थानों में चलते हैं। तुम्हारी निवास-स्थिति के हिसाब से भाग लेने का हक़ या भाग लेने की बाध्यता हो सकती है; यह विदेशी नागरिक कार्यालय (Ausländerbehörde) या BAMF तय करता है। शुल्क, समय और शर्तें बदल सकती हैं, इसलिए हमेशा वहीं से पता करो।
जर्मन नागरिकता के लिए कितनी जर्मन चाहिए?
नागरिकता (Einbürgerung) के लिए B1 स्तर की जर्मन चाहिए; यह क़ानून में लिखा है। बाक़ी शर्तें और प्रमाण कैसे देना है, यह नागरिकता देने वाला कार्यालय बताता है। नागरिकता के बारे में एक और बात: 2024 से जर्मन क़ानून नागरिकता लेते समय पुरानी नागरिकता छोड़ने की माँग नहीं करता। पर भारतीय नागरिकता का क्या होगा, यह जर्मनी नहीं, भारतीय क़ानून तय करता है। कोई भी फ़ैसला करने से पहले जर्मनी में भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से ज़रूर पूछो।
क्या वीज़ा या निवास-परमिट के लिए जर्मन चाहिए?
यह निवास के उद्देश्य और परमिट की तरह पर निर्भर है। पढ़ाई, व्यावसायिक प्रशिक्षण, नौकरी, परिवार के साथ आना और स्थायी निवास — सबकी शर्तें अलग हैं; कुछ में जर्मन ज़रूरी नहीं, कुछ में है। क़ानून बदलने पर शर्तें भी बदलती हैं, इसलिए यहाँ कोई स्तर नहीं लिखा गया। जर्मनी आने से पहले भारत में जर्मन दूतावास या वाणिज्य दूतावास, और जर्मनी में अपने शहर का विदेशी नागरिक कार्यालय सही जवाब देता है।
जर्मन विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए कितनी जर्मन चाहिए?
यह विश्वविद्यालय और कोर्स तय करते हैं। जर्मन में पढ़ाए जाने वाले कोर्स आम तौर पर ऊँचे स्तर की जर्मन का प्रमाण माँगते हैं, और कौन-सा स्तर और कौन-सा प्रमाण-पत्र माना जाएगा, यह हर विश्वविद्यालय अलग तय करता है। अंग्रेज़ी में पढ़ाए जाने वाले कोर्स भी हैं — पर ज़िंदगी तब भी जर्मन में चलती है: किराया-अनुबंध, सरकारी चिट्ठियाँ, डॉक्टर से बात, और छात्र-नौकरी। जिस विश्वविद्यालय में आवेदन करना है, उसके अंतरराष्ट्रीय कार्यालय (International Office) से पूछो। यह साइट B1 तक ले जाती है, पढ़ाई के स्तर तक नहीं।
नौकरी के लिए कितनी जर्मन चाहिए?
यह काम पर निर्भर है। कई सूचना-प्रौद्योगिकी और शोध की टीमें अंग्रेज़ी में काम करती हैं, पर वहाँ भी जर्मन ऑफ़िस की बातचीत, ग्राहकों और आगे बढ़ने के मौक़ों का दरवाज़ा खोलती है। जिन पेशों में लोगों से सीधा संपर्क है — नर्सिंग, डॉक्टरी, शिक्षा, ग्राहक सेवा — वहाँ जर्मन ज़रूरी है, और कई में उसका प्रमाण भी। ठीक स्तर नियोक्ता या संबंधित संस्था बताती है। इस साइट की शब्द-सूचियाँ काम, दफ़्तर और ई-मेल के शब्दों से शुरू करने के लिए अच्छी हैं।
भारत की डिग्री या योग्यता की जर्मनी में मान्यता कैसे होती है?
नर्स, डॉक्टर, शिक्षक जैसे क़ानून से नियंत्रित पेशों (reglementierte Berufe) में जर्मनी में काम करने के लिए मान्यता की प्रक्रिया (Anerkennungsverfahren) ज़रूरी है। काग़ज़ात जाँचे जाते हैं, और भारतीय और जर्मन प्रशिक्षण में बड़ा फ़र्क़ हो, तो अतिरिक्त प्रशिक्षण या परीक्षा माँगी जा सकती है। कई पेशों में जर्मन का प्रमाण भी चाहिए। बाक़ी पेशों में बिना मान्यता के भी काम हो सकता है, पर मान्यता आवेदन में मदद करती है। विश्वविद्यालय की डिग्री का अलग मूल्यांकन हो सकता है। कौन-सी संस्था ज़िम्मेदार है, यह पेशे और राज्य पर निर्भर है; संघीय सरकार के आधिकारिक जानकारी-पोर्टल पर पेशे का नाम खोजना सबसे तेज़ रास्ता है।
सरकारी चिट्ठियाँ इतनी कठिन क्यों होती हैं?
क्योंकि दफ़्तरी जर्मन क्रियाओं को संज्ञा बना देती है और कर्मवाच्य पसंद करती है: "हम आपका आवेदन जाँचेंगे" नहीं, बल्कि Die Prüfung Ihres Antrags erfolgt — "आपके आवेदन की जाँच की जाती है"। हिन्दी की सरकारी भाषा भी ऐसी ही है — "कार्यवाही की जाएगी" — इसलिए यह शैली अनजानी नहीं। कुछ शब्द बार-बार आते हैं: die Frist (समय-सीमा), der Bescheid (फ़ैसला), der Antrag (आवेदन)। कर्मवाच्य पहचान लिया, तो आधी चिट्ठी समझ आ जाती है। कोई बात साफ़ न हो, तो भेजने वाले दफ़्तर से पूछना पूरी तरह सामान्य है।
मैं सिर्फ़ एक-दो साल के लिए आ रहा हूँ। क्या जर्मन सीखना फिर भी फ़ायदेमंद है?
हाँ, और पहले दिन से। A1 का थोड़ा-सा जर्मन भी रोज़ की ज़िंदगी बदल देता है: बेकरी, बस का टिकट, डॉक्टर का अपॉइंटमेंट, पड़ोसी से दो बातें। संख्याएँ, समय और तारीख़ें सबसे पहले सीखो, क्योंकि वे हर जगह आती हैं — और "ढाई बजे" को halb drei कहना, "साढ़े तीन" नहीं। लोग जर्मन में की गई कोशिश को सचमुच सराहते हैं, ग़लतियों के साथ भी।
क्या यह साइट किसी परीक्षा या प्रमाण-पत्र से जुड़ी है?
नहीं। यह साइट किसी परीक्षा संस्था से जुड़ी नहीं है, किसी परीक्षा की तैयारी का वादा नहीं करती, और कोई प्रमाण-पत्र नहीं देती। सामग्री परीक्षा-सूचियों के हिसाब से नहीं, रोज़ की ज़रूरत के हिसाब से बनी है। तुम्हें किसी आधिकारिक प्रमाण-पत्र की ज़रूरत हो, तो जो संस्था उसे माँगती है — विश्वविद्यालय, दफ़्तर, कंपनी — उसी से पूछो कि वह कौन-से प्रमाण-पत्र मानती है।
व्याकरण
जहाँ हिन्दी बोलने वाले जर्मन में सबसे ज़्यादा चौंकते हैं।
क्या मुझे सचमुच der, die, das याद करने पड़ेंगे?
हाँ — पर अंदाज़े से नहीं, समझ से। हिन्दी लिंग से अंदाज़ा मत लगाओ: "किताब" स्त्रीलिंग है, das Buch नपुंसक; "मेज़" स्त्रीलिंग, der Tisch पुल्लिंग। पर बहुत-से अंत लिंग बता देते हैं: -ung, -heit, -keit हमेशा स्त्रीलिंग, -chen हमेशा नपुंसक, -er वाले लोग पुल्लिंग। बाक़ी के लिए एक आदत: हर संज्ञा आर्टिकल और बहुवचन के साथ याद करो, कभी अकेले नहीं।
हिन्दी में "ने, को, से, का" हैं — क्या जर्मन कारक वैसे ही हैं?
विचार वही है, जगह अलग। हिन्दी कारक संज्ञा के बाद परसर्ग से दिखाती है और संज्ञा को तिर्यक रूप देती है: "लड़का" — "लड़के को"। जर्मन कारक संज्ञा से पहले आर्टिकल बदलकर दिखाती है: der Mann, den Mann, dem Mann। चार कारक हैं, और मोटे तौर पर कर्ता Nominativ है, "को" वाला कर्म अक्सर Akkusativ, "को/के लिए" वाला पाने वाला Dativ, और "का" Genitiv। सबसे बड़ी समानता: हिन्दी "मुझे ठंड लग रही है" जर्मन में भी डेटिव है — Mir ist kalt।
हिन्दी में क्रिया अंत में आती है। जर्मन में दूसरी जगह पर क्यों?
जर्मन मुख्य वाक्य का एक तय ढाँचा है: पहली जगह पर कोई भी एक हिस्सा, दूसरी जगह पर बदली हुई क्रिया, और बाक़ी सब उसके बाद। Ich fahre morgen nach Berlin. — Morgen fahre ich nach Berlin. समय पहले आए, तो कर्ता क्रिया के पीछे चला जाता है। अच्छी ख़बर: उपवाक्य में — weil, dass, wenn के बाद — क्रिया अंत में जाती है, बिलकुल हिन्दी की तरह। तो हिन्दी आदत आधी सही है; बस मुख्य वाक्य में उसे रोकना है।
क्रिया का एक हिस्सा वाक्य के अंत में क्यों चला जाता है?
ये अलग होने वाली क्रियाएँ हैं: anrufen (फ़ोन करना), aufstehen (उठना)। मुख्य वाक्य में उपसर्ग अंत में जाता है: Ich rufe dich morgen an. हिन्दी में भी कुछ ऐसा है — "फ़ोन कर देना" में "फ़ोन" अलग शब्द है और "कर" बदलता है। फ़र्क़ यह कि जर्मन में बीच में पूरा वाक्य आ सकता है, इसलिए अर्थ आख़िर तक इंतज़ार करवाता है — और अंत तक सुनने की हिन्दी आदत यहाँ काम आती है।
du और Sie कब? क्या यह "तुम" और "आप" जैसा है?
लगभग। du परिवार, दोस्तों, बच्चों और अक्सर अपनी उम्र के सहकर्मियों के लिए; Sie बाक़ी सबके लिए। दो फ़र्क़: पहला, जर्मन में "तू" नहीं — du "तुम" और "तू" दोनों है। दूसरा, भारत की तरह उम्र देखकर "तुम" पर आ जाना जर्मनी में रूखा लगता है: दुकान का युवा कर्मचारी भी Sie है। du पर आने की पेशकश आम तौर पर बड़ा या ऊँचे पद वाला करता है। शक हो, तो Sie।
बीती बात कहने के लिए पूर्ण वर्तमान लूँ या सामान्य भूतकाल?
बोलते समय ज़्यादातर पूर्ण वर्तमान (Perfekt): Ich habe gegessen, Wir sind gefahren। लिखी कहानियों और ख़बरों में सामान्य भूतकाल (Präteritum): Er fuhr nach Berlin. कुछ क्रियाएँ बोलचाल में भी सामान्य भूतकाल में आती हैं: war, hatte, और भाव-क्रियाएँ जैसे konnte, musste। शुरुआत में पूर्ण वर्तमान पर ध्यान दो।
कुछ क्रियाएँ पूर्ण काल haben से और कुछ sein से क्यों बनाती हैं?
sein वे क्रियाएँ लेती हैं जो एक जगह से दूसरी जगह जाना (gehen, fahren, kommen) या हालत बदलना (einschlafen, sterben) बताती हैं, और sein, bleiben ख़ुद। बाक़ी सब haben। हिन्दी बोलने वालों के लिए एक काम की जाँच: भूतकाल में जहाँ "ने" लगता है — "मैंने खाया" — वहाँ लगभग हमेशा haben; जहाँ नहीं लगता — "मैं गया" — वहाँ अक्सर sein। अपवाद भी हैं: schlafen, stehen, sitzen हिन्दी में बिना "ने" के हैं, फिर भी haben लेती हैं।
संज्ञाएँ बड़े अक्षर से क्यों लिखी जाती हैं?
यह जर्मन वर्तनी का नियम है, कोई तर्क नहीं: हर संज्ञा बड़े अक्षर से, der Tisch, die Freiheit। देवनागरी में बड़े-छोटे अक्षर होते ही नहीं, इसलिए यह आदत शुरू से डालनी पड़ती है। संकेत: आर्टिकल के बाद का शब्द लगभग हमेशा बड़ा — beim Essen, das Lesen। ich छोटा रहता है, अंग्रेज़ी "आई" से उलट, और आदर वाला Sie हमेशा बड़ा।
"मैं तीस साल का हूँ" जर्मन में कैसे कहते हैं?
हिन्दी की तरह sein से: Ich bin dreißig (Jahre alt). यहाँ हिन्दी बोलने वाले अंग्रेज़ी से बेहतर हैं, क्योंकि "होना" दोनों में है। पर "मेरे पास समय है" जर्मन में haben है: Ich habe Zeit, और "मुझे भूख लगी है" भी Ich habe Hunger — शब्दशः "मेरे पास भूख है"। sein और haben का बँटवारा हिन्दी से हर जगह नहीं मिलता, इसलिए पूरे वाक्य याद करो।
आर्टिकल ein और der कब? हिन्दी में तो होते ही नहीं।
ein तब, जब चीज़ पहली बार आती है या कोई भी एक हो — "एक" की तरह: Ich habe einen Bruder. der तब, जब सुनने वाला जानता है कि कौन-सी चीज़ की बात है: Der Bruder wohnt in Berlin. हिन्दी में यह फ़र्क़ संदर्भ से चलता है, जर्मन उसे शब्द से कहती है। और गिनी जा सकने वाली एकवचन संज्ञा कभी नंगी नहीं रहती: "मैं फ़्लैट ढूँढ रहा हूँ" है Ich suche eine Wohnung।
शब्द और उच्चारण
कौन-से शब्द पहले, कैसे याद करें, कैसे बोलें, और बोलियाँ कैसी हैं।
मुझे कितने जर्मन शब्द आने चाहिए?
संख्या से ज़्यादा ज़रूरी है कौन-से। कुछ सौ बहुत आम शब्द रोज़ की बातचीत का बड़ा हिस्सा ढक लेते हैं, और यह साइट उन्हें स्तर के हिसाब से सूचियों में रखती है। शब्द तब "आता" है, जब तुम उसे आर्टिकल और बहुवचन के साथ, एक वाक्य में, बिना सोचे इस्तेमाल कर सको — सिर्फ़ पहचान लेना आधा काम है।
कौन-से शब्द सबसे पहले याद करूँ?
वे जो हर बातचीत को थामे रहते हैं: सर्वनाम, आर्टिकल, प्रश्नवाचक शब्द, सबसे आम क्रियाएँ और संख्याएँ। ये किसी विषय की सूची में अपने आप नहीं आते, पर हर वाक्य में होते हैं। उसके बाद अपने जीवन के शब्द: तुम्हारा काम, तुम्हारा शहर, तुम्हारा खाना।
शब्द अच्छी तरह कैसे याद रहें?
तीन तरीक़े काम करते हैं। पहला, अंतराल पर दोहराना: शब्द भूलने से ठीक पहले फिर से मिलना चाहिए, और यह साइट यही करती है। दूसरा, पूरा रूप: der Tisch, die Tische, कभी सिर्फ़ Tisch नहीं। तीसरा, ख़ुद बनाया हुआ वाक्य, ज़ोर से बोलकर। हिन्दी से जोड़ भी मदद करते हैं — Name और "नाम", neu और "नव" — पर धोखेबाज़ जोड़ों से बचो: die Bahn "बहन" नहीं।
जर्मन उच्चारण का अभ्यास कैसे करूँ?
उन आवाज़ों से शुरू करो जो हिन्दी में नहीं हैं: ü ("ई" बोलते हुए होंठ गोल), ö ("ए" बोलते हुए होंठ गोल), और ch की दो आवाज़ें — ich की नरम और Bach की खुरदुरी, "ख़" जैसी। जर्मन r हल्का, गले वाला है, हिन्दी के लुढ़कते "र" जैसा नहीं। व्यंजनों के गुच्छों में बीच में "अ" या "इ" मत डालो: Schule, "इस्कूल" नहीं; Straße, "सट्रासे" नहीं। जोड़ों में सुनो और दोहराओ: schon – schön।
मैं संख्याओं और समय में बार-बार ग़लती क्यों करता हूँ?
आम तौर पर संख्याओं में नहीं — जर्मन einundzwanzig हिन्दी "इक्कीस" की तरह इकाई पहले बोलती है, बस पूरी तरह नियमित। ग़लती आम तौर पर समय में होती है: halb drei "ढाई" है, "साढ़े तीन" नहीं, क्योंकि जर्मन आने वाले घंटे की ओर गिनती है — ठीक "डेढ़", "ढाई", "पौने" की तरह। और बड़ी संख्याओं में लाख-करोड़ नहीं, Million (दस लाख) और Milliarde (सौ करोड़); दशमलव के लिए अल्पविराम: 2,5।
बवेरिया या स्विट्ज़रलैंड के लोगों की बात मुझे समझ नहीं आती। क्या मैंने ग़लत सीखा?
नहीं। वे अक्सर अपनी बोली बोलते हैं, जो मानक जर्मन से काफ़ी अलग हो सकती है — स्विस बोलियाँ उत्तरी जर्मनी के लोगों को भी मुश्किल से समझ आती हैं। पर वही लोग मानक जर्मन भी समझते हैं और ज़रूरत पड़ने पर बोलते हैं। धीरे से कहो Können Sie bitte Hochdeutsch sprechen? — यह बिलकुल सामान्य अनुरोध है, जैसे भारत में कोई अपनी बोली छोड़कर मानक हिन्दी बोल दे।
कुछ जर्मन शब्द हिन्दी शब्दों जैसे सुनाई देते हैं। क्या उनका अर्थ भी वही है?
ज़्यादातर नहीं — और यही धोखा है। die Kamera "कमरा" नहीं, कैमरा है; der Ball "बाल" नहीं, गेंद; der Saal "साल" नहीं, हॉल; der Rat "रात" नहीं, सलाह। तेज़ बोलते समय ये आवाज़ें सबसे ज़्यादा उलझाती हैं। कुछ जोड़े सचमुच रिश्तेदार हैं, पुराने भारोपीय परिवार से: Name और "नाम", Mutter और "माता"। धोखेबाज़ शब्दों का पूरा पन्ना यहाँ है।
यह साइट
सामग्री कहाँ से आई, किसके लिए है, और क्या नहीं है।
क्या मैं बिलकुल भी जर्मन न जानते हुए यह साइट इस्तेमाल कर सकता हूँ?
हाँ। हर व्याख्या हिन्दी में है, और A1 पहले शब्द से शुरू होता है। जर्मन शब्द अलग से दिखते हैं, और उच्चारण के लिए सुनने की सुविधा है। क्रम में चलो: अभिवादन, संख्याएँ, पहली क्रियाएँ, और आर्टिकल के साथ पहली संज्ञाएँ।
इस साइट की सामग्री कहाँ से आई है?
हर व्याख्या, हर उदाहरण, हर शब्द-सूची और हर अभ्यास इसी साइट के लिए लिखा गया है। किसी पाठ्यपुस्तक, व्याकरण की किताब, शब्दकोश या दूसरी भाषा-साइट से कुछ नहीं लिया गया — आवृत्ति-सूचियों से भी नहीं, क्योंकि अलग-अलग शब्द भले सुरक्षित न हों, किसी सूची का चुनाव और क्रम सुरक्षित हो सकता है। कोर्स, परीक्षा और दफ़्तरों के बारे में जवाब सामान्य जानकारी हैं; आधिकारिक और ताज़ा जानकारी सिर्फ़ संबंधित संस्था दे सकती है।