अंग्रेज़ी सीखना — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
37 सवाल जो लोग अंग्रेज़ी सीखते समय सच में पूछते हैं, ऐसे जवाबों के साथ जो अपने आप में पूरे हैं। जहाँ कहने को और भी है, वहाँ लिंक नीचे दिया है — जवाब की जगह नहीं।
शुरुआत
कहाँ से शुरू करें, कितना समय लगता है, कौन-सी अंग्रेज़ी सीखें और स्तरों का क्या मतलब है।
अंग्रेज़ी सीखना कहाँ से शुरू करें?
तीन चीज़ों से, एक साथ: रोज़ की क्रियाओं के वर्तमान और भूतकाल से, सबसे ज़्यादा काम आने वाले पहले शब्दों से, और पूरे वाक्य ज़ोर से बोलने की आदत से। आख़िरी बात अंग्रेज़ी में ख़ास तौर पर ज़रूरी है, क्योंकि उसकी लिखावट से यह पक्का पता नहीं चलता कि कोई शब्द कैसे बोला जाता है। जो पहले पूरा व्याकरण पढ़ता है और फिर शब्द, उसके पास महीनों तक कहने को कुछ नहीं होता; और जो सिर्फ़ शब्द रटता है, वह वाक्य नहीं बना पाता।
A1, A2 और B1 का क्या मतलब है?
ये एक यूरोपीय पैमाने के पहले तीन स्तर हैं; पूरे पैमाने में छह हैं, A1 से C2 तक। A1 पर तुम अपना परिचय दे सकते हो और रोज़ की छोटी-छोटी बातें कह सकते हो; A2 पर बीते हफ़्ते के बारे में बता सकते हो और ख़रीदारी या सफ़र में काम चला सकते हो; B1 पर जानी-पहचानी बातों पर बिना रुके बातचीत कर सकते हो और अपनी राय दे सकते हो। यह साइट हिन्दी में B1 तक जाती है। हर विषय और हर शब्द-सूची पर उसका स्तर लिखा है — यह इस परियोजना का अपना आकलन है, किसी परीक्षा का नहीं। कसौटी यह है कि किसी शब्द के बिना कब से आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है: grandmother लंबा है पर A1 में है, क्योंकि दादी-नानी सबकी होती हैं।
अंग्रेज़ी सीखने में कितना समय लगता है?
घंटों में इसका कोई ईमानदार जवाब नहीं है — यह इस पर निर्भर है कि तुम पहले से क्या जानते हो, कितना अभ्यास करते हो और भाषा किस काम के लिए चाहिए। दो बातें ज़रूर कही जा सकती हैं। हिन्दी बोलने वाला ख़ाली हाथ शुरू नहीं करता: स्कूल, बस, टिकट, डॉक्टर, मोबाइल जैसे सैकड़ों शब्द वह रोज़ बोलता है। और सुनकर समझना काफ़ी समय तक पढ़कर समझने से पीछे रहता है, ख़ासकर ब्रिटिश या अमेरिकी लहजे में — यह सामान्य है, कोई कमी नहीं।
क्या हिन्दी बोलने वालों के लिए अंग्रेज़ी कठिन है?
व्याकरण में उतनी नहीं जितनी लगती है: क्रिया लगभग नहीं बदलती (I work, you work, we work), संज्ञा का कोई लिंग नहीं होता — "मेज़ छोटी है", पर the table is small — और विशेषण कभी नहीं बदलता। मुश्किलें दूसरी जगह हैं: शब्दों का क्रम (हिन्दी में क्रिया आख़िर में, अंग्रेज़ी में बीच में), आर्टिकल a और the, जो हिन्दी में हैं ही नहीं, संज्ञा से पहले आने वाले in, on, at, और उच्चारण, जो लिखावट से नहीं निकलता। यह शुरू से जान लेना अच्छा है, ताकि प्रगति सिर्फ़ व्याकरण से न नापी जाए।
ब्रिटिश, अमेरिकी या भारतीय अंग्रेज़ी — कौन-सी सीखें?
पहले एक, और उसी पर टिके रहो; कौन-सी, इससे ज़्यादा फ़र्क़ नहीं पड़ता। व्याकरण के फ़र्क़ कम हैं, शब्दों के ज़्यादा: flat और apartment, lift और elevator, petrol और gas। कुछ शब्दों की वर्तनी भी बदलती है: colour और color। यह साइट ब्रिटिश अंग्रेज़ी लिखती है, जो भारत में भी स्कूल की अंग्रेज़ी है। भारतीय अंग्रेज़ी अपने आप में एक पूरी भाषा-शैली है, और भारतीय लहजा कोई ग़लती नहीं; बस कुछ भारतीय प्रयोग बाहर नहीं समझे जाते, जैसे prepone या do the needful।
व्याकरण
वे जगहें जहाँ अंग्रेज़ी हिन्दी बोलने वालों को सबसे ज़्यादा उलझाती है।
अंग्रेज़ी में "वह" के लिए तीन शब्द क्यों हैं?
क्योंकि अंग्रेज़ी तीसरे व्यक्ति में बताती है कि बात किसकी हो रही है: आदमी की (he), औरत की (she) या किसी चीज़ की (it)। हिन्दी यह भेद क्रिया में करती है — "वह आया", "वह आई" — और सर्वनाम एक रखती है। अंग्रेज़ी में क्रिया नहीं बदलती, इसलिए सर्वनाम यह काम करता है। और उल्टी तरफ़: तू, तुम, आप — तीनों अंग्रेज़ी में एक you हैं।
अंग्रेज़ी में क्रिया बीच में क्यों आती है?
क्योंकि अंग्रेज़ी का क्रम कर्ता–क्रिया–कर्म है, और हिन्दी का कर्ता–कर्म–क्रिया। "मैं चाय पीता हूँ" अंग्रेज़ी में I drink tea है — क्रिया कर्ता के ठीक बाद। हिन्दी में "चाय मैं पीता हूँ" भी चल जाता है, क्योंकि "ने", "को", "से" बता देते हैं कि कौन क्या है। अंग्रेज़ी में ऐसे निशान नहीं हैं; वहाँ जगह ही बताती है कि कर्ता कौन है। The dog bit the man और The man bit the dog में शब्द वही हैं, अर्थ उल्टा।
प्रश्न में do क्यों लगता है?
हिन्दी में प्रश्न बनाने के लिए वाक्य के आगे "क्या" लगा दो, क्रम वही रहता है: "क्या तुम यहाँ रहते हो?" अंग्रेज़ी में कर्ता से पहले एक सहायक क्रिया चाहिए। अगर वाक्य में पहले से कोई है (is, can, have, will), तो वह आगे आ जाती है: Can you swim? अगर नहीं है, तो do, does या did आता है, जिसका कोई अर्थ नहीं — वह बस काल और व्यक्ति ढोता है: Do you live here? Does she work on Saturdays? Did they call? नकार में भी यही: I don’t know, कभी I not know नहीं।
"मुझे भूख लगी है" अंग्रेज़ी में कैसे कहें?
I am hungry। हिन्दी में भूख व्यक्ति को "लगती" है, अंग्रेज़ी में व्यक्ति ख़ुद कर्ता होता है और उसके बाद to be आता है: I am hungry, I am thirsty, I am cold। यही "मुझे" वाले बहुत-से वाक्यों के साथ होता है: "मुझे पता है" — I know, "मुझे पसंद है" — I like it। I have hunger समझ में तो आ सकता है, पर कोई ऐसे नहीं बोलता।
हिन्दी में आर्टिकल नहीं होता — फिर a और the कब लगाएँ?
मोटा नियम: जब कोई चीज़ पहली बार और किसी भी एक के रूप में आती है, तो a या an; जब सुनने वाला जानता है कि कौन-सी चीज़ की बात हो रही है, तो the। "मैंने एक किताब ख़रीदी। किताब अच्छी है" — I bought a book. The book is good। हिन्दी में "एक" कभी-कभी a का काम कर देता है, पर the के लिए कोई शब्द नहीं है, इसलिए वही सबसे ज़्यादा छूटता है। और पेशे के साथ a ज़रूरी है: "मैं नर्स हूँ" — I am a nurse।
Simple Past कब और Present Perfect कब?
Simple Past तब, जब समय मायने रखता है और वह ख़त्म हो चुका है: I saw her yesterday। Present Perfect तब, जब नतीजा अब तक पहुँचता है या समय अभी खुला है: I have seen her। हिन्दी का "देखा है" और "देखा" कुछ हद तक यही भेद करते हैं, पर पूरी तरह नहीं: "कल देखा है" हिन्दी में चल जाता है, अंग्रेज़ी में yesterday के साथ have seen कभी नहीं। भरोसेमंद सवाल: क्या कोई ख़त्म हो चुका समय है या हो सकता है — कल, पिछले साल, 2019 में? तब Simple Past।
"मैं तीन साल से यहाँ रहता हूँ" अंग्रेज़ी में कैसे कहें?
I have lived here for three years। यहाँ दो फ़र्क़ एक साथ हैं। पहला: हिन्दी वर्तमान काल लेती है ("रहता हूँ"), अंग्रेज़ी Present Perfect, क्योंकि बात पहले शुरू हुई और अब तक चल रही है। दूसरा: हिन्दी का "से" अंग्रेज़ी में दो शब्द है — अवधि के लिए for (for three years) और शुरुआती पल के लिए since (since 2019)। I live here since three years इन दोनों ग़लतियों को एक साथ करता है।
क्या "I am knowing" सही है?
नहीं। know, want, like, understand, believe जैसी क्रियाएँ किसी स्थिति के बारे में हैं, किसी चलते काम के बारे में नहीं, और वे -ing वाला रूप नहीं लेतीं: I know, I want। भारत में बोली जाने वाली अंग्रेज़ी में I am knowing him या I am having two brothers अक्सर सुनाई देता है, पर यह मानक अंग्रेज़ी में ग़लत है। have के साथ ध्यान रहे: "होना" के अर्थ में बिना -ing (I have two brothers), पर खाने-पीने के अर्थ में -ing चलता है (I am having lunch)।
will कब और going to कब?
going to तब, जब फ़ैसला पहले हो चुका है या कुछ होता दिख रहा है: Look at those clouds — it’s going to rain। will तब, जब फ़ैसला बोलते समय होता है, और पेशकश या वादे में: I’ll help you। हिन्दी का "करूँगा" दोनों का काम करता है, इसलिए यहाँ ख़ुद पूछना पड़ता है: क्या यह पहले से तय था? एक बात और: हिन्दी में अक्सर वर्तमान से भी भविष्य कहा जाता है — "मैं कल आता हूँ"; अंग्रेज़ी में वादे के लिए यह नहीं चलता: I’ll come tomorrow।
if वाले वाक्य कैसे बनते हैं?
सबसे आम रूप किसी संभव बात का है: If it rains, we will stay in। हिन्दी कहती है "अगर बारिश होगी, तो हम अंदर रहेंगे" — भविष्य दोनों हिस्सों में। अंग्रेज़ी में if के बाद will नहीं आता; भविष्य सिर्फ़ दूसरे हिस्से में रहता है। If it will rain हिन्दी बोलने वालों की सबसे आम ग़लतियों में से है। किसी कल्पना वाली बात के लिए अंग्रेज़ी भूतकाल लेती है: If I had more time, I would come — "अगर मेरे पास ज़्यादा समय होता, तो मैं आता"।
में, पर, को — अंग्रेज़ी में in, on, at कब?
पहला फ़र्क़ जगह का है: हिन्दी के "में", "पर", "से" संज्ञा के बाद आते हैं ("घर में"), अंग्रेज़ी के in, on, at पहले (in the house)। दूसरा फ़र्क़ बँटवारे का है। समय के लिए मोटा नियम: घड़ी के समय के साथ at (at six), दिन और तारीख़ के साथ on (on Monday), महीने, साल और लंबे समय के साथ in (in July, in 2020)। हिन्दी में ये सब "को" या "में" होते हैं, इसलिए इन्हें छोटे-छोटे जोड़ों में याद करना सबसे आसान है।
"बारिश हो रही है" में it कहाँ से आ गया?
अंग्रेज़ी वाक्य को हर हाल में एक कर्ता चाहिए, क्योंकि क्रिया ख़ुद नहीं बताती कि करने वाला कौन है। जहाँ कोई असली कर्ता नहीं होता, वहाँ एक ख़ाली-सा it या there जगह भरता है: "बारिश हो रही है" — it is raining, "यह ज़रूरी है" — it is important, "एक समस्या है" — there is a problem। सिर्फ़ Is important या Is raining कहना ग़लत है।
क्या "Because it was late, so we left" सही है?
नहीं। हिन्दी में "क्योंकि देर हो गई थी, इसलिए हम चले गए" बिल्कुल स्वाभाविक है, पर अंग्रेज़ी में कारण बताने वाला शब्द एक ही होता है: Because it was late, we left या It was late, so we left। यही बात although … but पर लागू होती है, जो हिन्दी के "हालाँकि … लेकिन" से आता है: अंग्रेज़ी में दोनों में से एक ही रखो।
make या do? हिन्दी में तो दोनों "करना" हैं।
मोटे तौर पर make तब, जब कुछ बनता है (a cake, a plan) — यहाँ हिन्दी का "बनाना" अच्छा सहारा है। do तब, जब कोई काम किया जाता है (homework, the shopping, the dishes)। पर यह नियम आख़िर तक नहीं चलता: "फ़ैसला करना" make a decision है और "ग़लती करना" make a mistake। इन जोड़ों को साथ-साथ ही याद करना पड़ता है। और कई बार दोनों में से कोई नहीं: "फ़ोटो खींचना" take a photo है, "सवाल पूछना" ask a question।
हिन्दी के "आप" वाली विनम्रता अंग्रेज़ी में कैसे दिखाएँ?
अंग्रेज़ी में सबके लिए एक you है, इसलिए आदर शब्दों के चुनाव से दिखता है। सीधा आदेश — Give me water — रूखा लगता है, भले ही हिन्दी में "पानी दो" घर पर बिल्कुल ठीक हो। विनम्र रूप होते हैं: Could I have some water, please?, Could you help me?, Would you mind …? please और thank you अंग्रेज़ी में हिन्दी से कहीं ज़्यादा बार बोले जाते हैं — दुकान पर, बस में, घर पर भी।
शब्दावली और उच्चारण
कौन-से शब्द पहले, उन्हें याद कैसे रखें, और उन्हें बोलें कैसे।
अंग्रेज़ी के कौन-से शब्द सबसे पहले सीखें?
जो हर विषय में आते हैं: सर्वनाम, प्रश्नवाचक शब्द, संख्याएँ, समय, और वे दो-तीन दर्जन क्रियाएँ जिनके बिना कोई वाक्य नहीं बनता — be, have, go, get, make, do। साथ में छोटे शब्द जैसे but, still, already, enough। ये ध्यान नहीं खींचते, पर आधा वाक्य इन्हीं पर टिका है। उसके बाद अपने रोज़ के विषय: परिवार, घर, खाना, रास्ता।
अंग्रेज़ी के कितने शब्द चाहिए?
कोई संख्या ईमानदार नहीं है, क्योंकि यह इस पर निर्भर है कि तुम क्या करना चाहते हो और "शब्द जानना" किसे कहते हैं। कुल गिनती से दो बातें ज़्यादा ज़रूरी हैं। बोलते समय ख़ुद याद आने वाला एक शब्द पढ़कर पहचाने गए कई शब्दों से ज़्यादा काम का है; इसलिए हिन्दी से अंग्रेज़ी की ओर अभ्यास करो, सूची दोबारा पढ़ने के बजाय। और रोज़ की बातचीत में छोटे, आम शब्द चलते हैं — get, find out, go on — न कि किताबी obtain, discover, continue।
क्या विषयों के हिसाब से शब्द सीखना फ़ायदेमंद है?
हाँ, जब हर वाक्य में आने वाले शब्द आ जाएँ। विषय दो तरह से मदद करते हैं: एक ही स्थिति के शब्द साथ में बेहतर याद रहते हैं — spoon, fork, knife — और किसी ख़ास मौक़े की तैयारी पहले से हो जाती है: डॉक्टर के पास जाना, घर देखने जाना, नौकरी का इंटरव्यू। शुरुआत में वे भटकाते हैं, जब जानवरों की सूची उन शब्दों से ज़्यादा काम की लगती है जिन पर वाक्य टिका है।
शब्द हमेशा के लिए याद कैसे रहें?
बढ़ते अंतराल पर दोहराकर, और उन्हें पढ़ने के बजाय ख़ुद से पुछवाकर। जो सूची दोबारा पढ़ता है, वह शब्द पहचानता है; जिससे पूछा जाता है, उसे शब्द याद से निकालना पड़ता है — और बोलते समय ठीक यही चाहिए। इसलिए यह साइट शब्दों को डिब्बों में बाँटती है: जो आ गया, वह कुछ हफ़्तों बाद लौटता है; जो ग़लत हुआ, वह अगले दिन।
कौन-से अंग्रेज़ी शब्द भारत में अलग अर्थ में चलते हैं?
कई, और वे इसलिए ख़तरनाक हैं क्योंकि वे जाने-पहचाने लगते हैं। भारत में "होटल" अक्सर खाने की जगह है, अंग्रेज़ी में hotel ठहरने की जगह है — खाने की जगह restaurant है। भारत में pass out का अर्थ पढ़ाई पूरी करना है, ब्रिटेन में बेहोश होना। "डाउट" वहाँ सवाल है, अंग्रेज़ी में doubt शक है — सवाल के लिए I have a question। और revert का अर्थ जवाब देना नहीं, किसी पुरानी हालत में लौटना है: ईमेल में I will reply लिखो।
अंग्रेज़ी वैसे क्यों नहीं बोली जाती जैसे लिखी जाती है?
क्योंकि उसकी वर्तनी ज़्यादातर तब तय हुई जब उच्चारण अभी बदल ही रहा था, और उसके बाद कभी पूरी तरह सुधारी नहीं गई। इसलिए वही अक्षर अलग शब्दों में अलग बोले जाते हैं — though, through, tough — और अलग लिखे दो शब्द एक जैसे सुनाई दे सकते हैं, जैसे right और write। देवनागरी में जो लिखा है, वही बोला जाता है; अंग्रेज़ी में नहीं। इसलिए हर नया शब्द उसकी आवाज़ के साथ, सुनकर सीखो, अक्षरों से अंदाज़ा मत लगाओ।
अंग्रेज़ी उच्चारण का अभ्यास कैसे करें?
अकेली आवाज़ों से नहीं, बल्कि शब्दों के उन जोड़ों से जो सिर्फ़ एक आवाज़ में अलग हैं। हिन्दी बोलने वालों के लिए तीन जोड़े सबसे ज़रूरी हैं। v और w: हिन्दी का "व" दोनों के बीच है, अंग्रेज़ी में ये दो आवाज़ें हैं (vest और west)। th: यह न "थ" है, न "द" — जीभ दाँतों के बीच जाती है (think, this)। और छोटे-लंबे स्वर: ship और sheep। एक आदत भी: school और station से पहले "इ" न जोड़ो — "इस्कूल" नहीं, school।
अंग्रेज़ी में शब्द पर ज़ोर क्यों मायने रखता है?
क्योंकि अंग्रेज़ी में हर लंबे शब्द का एक हिस्सा ज़ोर से और साफ़ बोला जाता है, और बाक़ी हिस्से हल्के और धुँधले। ज़ोर ग़लत जगह हो, तो जाना-पहचाना शब्द भी पहचान में नहीं आता: hotel में ज़ोर दूसरे हिस्से पर है, photograph में पहले पर, photographer में दूसरे पर। कुछ शब्दों में ज़ोर से शब्द का प्रकार भी बदलता है: a record (संज्ञा, ज़ोर आगे) और to record (क्रिया, ज़ोर पीछे)। नया शब्द सीखते समय ज़ोर भी साथ सीखो।
क्या अनियमित क्रियाएँ रटनी पड़ेंगी?
हाँ, पर काम उतना बड़ा नहीं जितना लगता है: अंग्रेज़ी की अनियमित क्रिया के बस तीन रूप होते हैं — go, went, gone — हिन्दी की तरह लिंग और वचन के हिसाब से बदलते रूप नहीं। मुश्किल यह है कि कोई नियम नहीं बताता कि कौन-सी क्रिया अनियमित है और कैसे बदलती है: sing, sang, sung, पर bring, brought, brought। सबसे आम क्रियाएँ ही ज़्यादातर अनियमित हैं, इसलिए उन्हीं से शुरू करो, ज़ोर से और तीनों रूप एक साथ।
phrasal verbs क्या हैं?
ये क्रियाएँ हैं जो किसी छोटे शब्द — up, out, off, on — के साथ मिलकर ऐसा अर्थ देती हैं जो टुकड़ों से नहीं निकलता: give up यानी छोड़ देना, look after यानी देखभाल करना, find out यानी पता लगाना। हिन्दी में इसके सबसे क़रीब संयुक्त क्रियाएँ हैं — "छोड़ देना", "निकल जाना" — पर वहाँ दूसरा हिस्सा क्रिया है, यहाँ एक छोटा शब्द। रोज़ की बातचीत में अंग्रेज़ी इन्हें बहुत पसंद करती है, इसलिए हर एक को नए शब्द की तरह, अपने उदाहरण-वाक्य के साथ सीखो।
अनुवाद जैसी अंग्रेज़ी से कैसे बचें?
अंग्रेज़ी के आम वाक्य पूरे टुकड़ों की तरह सीखकर, हिन्दी से शब्द-दर-शब्द बनाने के बजाय। "आपका शुभ नाम?" का अनुवाद What is your good name? नहीं, बस What’s your name? है। "एक काम करो" से Do one thing निकलता है, जिसे बाहर कोई नहीं समझता — कहो Here’s an idea या सीधे बात कहो। और "मेरे सिर में दर्द है" I have a headache है, I am having headache नहीं। ऐसा हर वाक्य एक बार पूरे टुकड़े की तरह सीख लिया, तो ज़रूरत के समय वह तैयार मिलता है।
यह साइट
क्या मुफ़्त है, क्या सहेजा जाता है, और यह क्या नहीं है।
क्या मैं यहाँ बिल्कुल शुरू से सीख सकता हूँ?
हाँ। व्याकरण वाक्य के बुनियादी क्रम, क्रिया to be और वर्तमान काल से शुरू होता है; हर व्याख्या हिन्दी में है, और हर विषय पर लिखा है कि वह किस स्तर का है। इसलिए तुम A1 पर तब तक रह सकते हो जब तक भरोसा न हो जाए, और फिर अगले स्तर पर जा सकते हो।
क्या यह साइट मुफ़्त है?
हाँ, पूरी तरह। न कोई खाता, न रजिस्ट्रेशन, न विज्ञापन, न कोई भुगतान। हर व्याख्या, हर शब्द-सूची और हर अभ्यास सबके लिए खुला है।
क्या यह साइट मेरा डेटा सहेजती है?
तुम्हारी प्रगति — दिए गए जवाब, दोहराने के डिब्बे, सहेजे गए शब्द — तुम्हारे ब्राउज़र में रहती है और तुम्हारे डिवाइस से बाहर नहीं जाती। न कुकी है, न खाता। सर्वर क्या दर्ज करता है और क्या नहीं, यह गोपनीयता वाले पन्ने पर लिखा है।
इस साइट की सामग्री कहाँ से आती है?
हर व्याख्या, हर उदाहरण-वाक्य, हर शब्द-सूची और हर अभ्यास इसी साइट के लिए लिखा गया है। किसी पाठ्यपुस्तक, व्याकरण, शब्दकोश या दूसरी भाषा वाली वेबसाइट से कुछ नहीं लिया गया — शब्दों की कोई तैयार गिनती-सूची भी नहीं, क्योंकि किसी सूची का चुनाव और क्रम भी किसी की मेहनत है।
क्या मैं बिना इंटरनेट के यहाँ सीख सकता हूँ?
हाँ। जो पन्ना एक बार खुल गया, वह डिवाइस पर रह जाता है, और अभ्यास वाले पन्ने पर एक बटन है जो पूरी साइट पहले से साथ ले लेता है। उसके बाद सब कुछ बिना नेटवर्क के चलता है, अभ्यास और प्रगति भी। सिर्फ़ इस साइट की फ़ाइलें सहेजी जाती हैं, तुम्हारे बारे में कुछ नहीं।
क्या यह साइट किसी परीक्षा की तैयारी कराती है?
नहीं। यह किसी परीक्षा के पाठ्यक्रम पर नहीं चलती और कोई परीक्षा संस्था इसे मान्यता नहीं देती। यह समझाती है और पूछती है। जिसे प्रमाणपत्र चाहिए, उसे वह किसी परीक्षा केंद्र से मिलेगा; यहाँ का अभ्यास मदद करता है, उसकी जगह नहीं लेता।